चोपना क्षेत्र की भूमि सीमांकन मामलों की समस्या के निराकरण के लिये कलेक्ट्रेट पहुँचे नेता और ग्रामीण.
सयुंक्त कलेक्टर मकसूद अहमद से मिलकर बताई समस्या
- बैतूल 21 जून चोपना क्षेत्र में सीमांकन के जटिलताओं के लिए भू स्वामियों को हो रहे असुविधाओं के चलते पुनर्वास क्षेत्र से एक प्रतिनिधि दल,

18जून मंगलवार को बैतूल कलेक्टर से मिलकर चर्चा किया एवं तत्काल सीमांकन को निरस्त करने के लिए ज्ञापन प्रेषित किया ।
ज्ञात हो कि पुनर्वास चोपना क्षेत्र में 1966 से लेकर 1975 तक 32 गांवों में परिवारों को बसाया गया था ,इनमें 30 गावों को वनभूमि में बसाया गया था। इन गांवों के सीमांकन अलग अलग कारणों से उस समय नहीं हो पाया था । जब सर्वे हुआ तब 80प्रतिशत परिवार उपस्थित नहीं थे। परिणामस्वरूप सर्वे में अनेक त्रुटियां है। उस समय के सर्वे के अनुसार सीमांकन करने से 90 प्रतिशत परिवारों के साथ अन्याय होगा। अतः इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए एवं वर्तमान सीमांकन को रोकने हेतु एक प्रतिनिधि दल नें कलेक्टर के सम्मुख अपना पक्ष रखा जिसे संयुक्त कलेक्टर मकसूद नें सुना. जिसमें बीजेपी चोपना मंडल के मंडल अध्यक्ष श्री विप्लव समाद्दार,पूर्व जिला पंचायत सदस्य तपन बिस्वास,वरिष्ठ नेता रामकृष्ण सामाजिक संगठन से संजीव राय,सुरेश सेन ,अमित दास ,मृत्युंजय सरकार,पवित्र बहादुर ,विकाश मिस्त्री एवं क्षेत्र वासी उपस्थित रहे।