हर घर अफसर घर घर अफसर बोली डिप्टी कलेक्टर!

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  • उमाकांत शर्मा बैतूल 26 जून आमला              सभी धर्मों के सम्मेलन के साथ निशा बांगरे की सफल लॉन्चिंग बैतूल जिले के आमला में सर्व धर्म शांति सभा का आयोजन 25 जून को किया गया था जिसमें देश और विदेश से आए मेहमानों ने शिरकत की. आठ हजार सिटिंग के अलावा नीचे बैठक व्यवस्था सहित पीछे खड़ी जनमानस की अपार भीड़ ने इस कार्यक्रम को सफल होने का प्रमाण पत्र दे दिया है. यानि निशा बांगरे को इसका क्रेडिट मिला. एक-दो धर्म नहीं बल्कि सर्व धर्म के साथ निशा ने बैतूल जिले के आमला विधानसभा क्षेत्र में अपनी जोरदार लॉन्चिंग कर ली है. यदि हम एक एक बातों पर गौर करें तो बड़ा ही शिष्टाचार युक्त वातावरण में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन संपन्न हुआ सर्वप्रथम राष्ट्रगान जन मन गण एवं उसके पश्चात पूर्व सैनिकों द्वारा दी गई सलामी के साथ देशभक्ति वाले माहौल के साथ सर्व धर्म शांति सम्मेलन कार्यक्रम की शुरुआत हुई.  अंत मे संविधान कि प्रस्तावना पढ़ी गई , व बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने  की शपथ ली गई. हर घर अफसर घर घर अफसर का नारा गुंजा.

इस कार्यक्रम से पूर्व निशा बांगरे के नवनिर्मित आवास में देशी विदेशी मेहमान बड़ी संख्या मे पहुंचे। सर्वधर्म प्रार्थना करने के उपरांत गृह प्रवेश किया.

  • फिर शुरू हुआ विश्व सर्व धर्म शांति सभा का सम्मेलन देश के सभी धर्मों के मानने वाले गुरु स्वरूप मंचासीन हुए विदेशी मेहमानों में श्रीलंका के न्यायमंत्री सहित बांग्लादेश, म्यांमार, दुबई, व्हियतनाम, साउथ कोरिया, थाईलैंड और अन्य देशी व विदेशी मेहमानो की उपस्थिति रहीं. सर्वधर्म सम्मेलन मे लगभग पंद्रह हजार लोगों की उपस्थिति बताई जा रही है कुछ लोगों का अनुमान बल्कि इससे ज्यादा है. यह कार्यक्रम न हो इसके लिए प्रशासन ने कई हथकंडे अपनाए . यहां तक की अनुमति भी नहीं दी गई कार्यक्रम सफल न हो इसके भी प्रयास किये गए बावजूद इसके जनमानस की अपार भीड़ ने निशा को आमला में स्थापित कर ही दिया है. पिछले 3 सालों के दौरान आमला की राजनीतिक चर्चा में निशा बांगरे का नाम सर्वाधिक चर्चित रहा. पिछले तीन महीने में बैतूल जिले में सर्वाधिक चर्चित रही एंव पिछले 4 दिनो से प्रदेश की राजनीति मैं सबसे चर्चित शख्सियत के रूप में आई. पूर्व डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे जिसकी चर्चा होती है वही चर्चित भी होता है. उनके इस्तीफे के बाद उनके प्रति लोगों की सहानुभूति बड़ी है फिर कार्यक्रम की विधिवत अनुमति ना मिलना भोपाल के शासकीय आवास को खाली कराने का नोटिस जारी होना इत्यादि इत्यादि ने निशा के प्रति लोगों की उमड़ने वाली सहानुभूति को मानो बूस्टर डोज मिल गया. . मंच से निशा बांगरे ने जनमानस को संबोधित करना प्रारंभ किया तो लग रहा था कि कोई अनुभवी राजनीतिज्ञ कुशल वक्ता बोल रही हो. इससे उन्होंने अपनी राजनीतिक कुशलता योग्यता व दूरदर्शिता का परिचय तो दे ही दिया है. कुछ लोग इसे चुनावी एजेंडा बता रहे हैं लोग गलत भी नहीं है.. किन्तु सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर कई लोग चुनाव लड़ चुके हैं इतिहास में यह पहली बार नहीं हो रहा है. निशा संविधान विश्वास करती है वें मध्यप्रदेश की मूल निवासी है संविधान के अनुसार वें प्रदेश मे कहीं से भी चुनाव लड़ सकती है आमला मे रहीं है अब घर भी है. वे चुनाव लड़ती है तो इसमें असंवैधानिक क्या है.? किन्तु व्यक्तिगत या किसी भी मंच से उन्होंने चुनाव लड़ने की इच्छा नहीं जताई है. सभी रुझानों को देखने के पश्चात पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का उनके पक्ष मे सहानुभूति वाला बयान आने से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कांग्रेस उन्हें आंमला विधानसभा क्षेत्र से टिकट दे सकती है लेकिन राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है .समाज सेवा करना है तो राजनीती से बेहतर प्लेटफार्म कोई हो ही नहीं सकता नहीं है इसीलिए तो लोग सरकारी बंधन से मुक्त हो कर राजनीती के मैदान मे उतरते है. निशा बांगरे ने यह कभी नहीं कहा की वें राजनीती करेगी या चुनाव लड़ेगी और अगर राजनीती मे आती भी है तो किस पार्टी मे जायेंगी यह सब बहुत स्पष्ट तय नहीं दिख रहा. लेकिन यें पब्लिक है यें सब जानती है. की मैडम के कदम किस दिशा मे पड़ रहें है अगला कदम क्या होगा. खैर जो भी हो लेकिन मैडम ने अपने आप को इस काबिल जरूर बना कर तैयार कर लिया है कि वें जिस भी पार्टी के साथ जाएंगी वह पार्टी आमला मे मजबूती के साथ खड़ी होंगी.

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