Latest Posts
हीरापुर पंचायत में भ्रष्टाचार का घिनौना खेल: बिना काम, बिना सामग्री के धड़ल्ले से बिल पास, पैसे वसूल! बैतूल: घोड़ाडोंगरी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत हीरापुर में भ्रष्टाचार की एक और चौंकाने वाली मिसाल सामने आई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत अधिकारियों और सरपंच पक्ष ने मिलकर बिना कोई विकास कार्य कराए और बिना सामग्री लगाए ही कागजों पर भारी-भरकम बिल पास कराए जा रहे हैं तथा भुगतान भी किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में समय-समय पर होनी वाली ग्राम सभाओं की बैठकें तक नहीं बुलाई जा रही हैं। सड़क, नाली, जल निकासी या अन्य किसी भी विकास कार्य का नामोनिशान गांव में नहीं है, फिर भी कागजों पर सारे काम पूरे दिखाए जा रहे हैं। “कागजों में तो सारे काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन जमीन पर कुछ भी नहीं हो रहा। बिल पास हो रहे हैं, पैसे वसूल हो रहे हैं, पर गांव में न तो कोई सड़क बन रही है, न नाली, न कोई अन्य सुविधा। पूरा सिस्टम कागजी कामों तक सीमित हो गया है।” ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने जिला प्रशासन, कलेक्टर कार्यालय और संबंधित विभागों से तत्काल जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हीरापुर पंचायत प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर ग्रामीण विकास योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह केवल एक पंचायत की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में ऐसी अनियमितताएं आम हो गई हैं। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस गंभीर शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कलेक्टर साहब, चोपना क्षेत्र की अन्य पंचायतों पर भी नजर डालने की मांग जोर पकड़ रही है, जहां ग्रामीण इसी तरह की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार कर रहे हैं।जुआरियों का नया पैतरा रोज ठिकाने बदल कर खेल रहे है जुआँग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों का क्षमता वर्धन प्रशिक्षण* आयोजितचोपना साप्ताहिक बाजार क्षेत्र में खुलेआम संचालित अवैध आहता बार!जुआरी हुए झोलाछाप घूम घूम कर खिलवा रहे हैं जुआ

भाजपा ने छीन लिया बुढ़ापे का सुकून, कम पेंशन में दवाई का खर्च भी नहीं निकल पा रहा – नारायण धोटे

ओल्ड पेंशन स्कीम बन्द कर सेवा निवर्त्त सरकारी कर्मचारियों के साथ किया विश्वास घात

Media Center News

12 नवंबर

बैतूल।।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के जिला अध्यक्ष नारायण धोटे ने भाजपा सरकार को कर्मचारी विरोधी सरकार करार दिया है। श्री धोटे के अनुसार भाजपा सरकार के सबसे बड़े विश्वासघात के शिकार वे सरकारी कर्मचारी हुए हैं जिन्होंने सालों अपने अथक प्रयासों से प्रशासनिक कामकाज और व्यवस्था को संभाल रखा था। लेकिन भाजपा ने इन कर्मचारियों को उनकी मेहनत का ऐसा सिला दिया कि यह सरकारी कर्मचारी मर मर कर जीने पर मजबूर हैं। ओल्ड स्कीम पेंशन बन्द कर भाजपा ने सरकारी सेवा से रिटायर होने वाले कर्मचारियों के बुढापे का सहारा छीन लिया है। हालात यह हैं कि इन कर्मचारियों को जितनी पेंशन दी जा रही है। वह पेंशन ऊंट के मुह में जीरा जैसी साबित हो रही है। लेकिन इन पेंशनरों की आज कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। साफ है कि पिछले 18 सालों में भाजपा ने प्रदेश के हर वर्ग का खून चूस चूस कर अपनी खेती तैयार कर ली ओर उन पेंशनरों को भी नहीं छोड़ा जिन्होंने कंधे से कंधा मिलाकर शासन चलाने में भाजपा नेताओं की मदद की।

श्री धोटे ने अपने बयान में कहा कि शिक्षा विभाग वर्ग 1 से रिटायर हुई एक शिक्षिका को वर्ष 1999 में वर्ग एक मे शिक्षिका का पद दिया गया था। ओल्ड स्कीम पेंशन बन्द होने के बाद वर्ष 2018 में उन्हें रिटायर करने के बाद मात्र 1197 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है। आज हालात ये हैं कि, इतनी कम पेंशन में मकान का किराया दें या बीमारी का खर्च निकालें, या फिर अपना और अपने परिवार का पेट भरें यह सबसे बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अगर ओल्ड पेंशन स्कीम भाजपा बन्द नहीं करती तो आज हालात सुकून भरे होते। ठीक है आज पारिवारिक हालात ठीक हैं।लेकिन कई कर्मचारी विपरीत हालातों से भी गुजर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता तो आज आत्महत्या करने के अलावा कोई दूसरा चारा नही होता।

 

श्री धोटे ने अपने बयान में बताया कि ओल्ड स्कीम पेंशन बन्द कर भाजपा ने कर्मचारियों को जिंदगी भर का दर्द दिया है यह भूलाया नहीं जा सकता। भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के बीच ही भेदभाव उतपन्न कर दिया।श्री धोटे ने कहा कि, एक शिक्षिका ऐसी भी है, जिस दिन उनका रिटायर मेन्ट हुआ उसी दिन उनके साथ दो अन्य कर्मचारियों को भी सेवा मुक्ति दी गयी। ये दोनों कर्मचारियों की भर्ती 1994 के पूर्व की थी। रिटायरमेंट के बाद यह दो कर्मचारी प्रतिमाह 34 हजार रुपये पेंशन पा रहे हैं और और वहीं दूसरी एक शिक्षिका को मात्र 3400 रुपये पेंशन दी जा रही है। आज ऐसे सेवा निवर्त्त कर्मचारी किस कदर अभाव में जीवन जी रहे हैं इसका अंदाजा भाजपा सरकार सिर्फ इसलिए नहीं लगा पा रही है कि उन्हें 5 साल जन सेवा का नाटक करने के बाद लाखों रुपये पेंशन सहित अन्य सुविधाएं मिलने वाली है। मेरा सवाल है भाजपा के मुख्यमंत्री से की जब सरकार में अल्प समय के लिए बैठने वालों को इतनी पेंशन दी जा सकती है तो सेवा निवर्त्त पेंशनरों को मरने के लिए क्यों छोड़ा जा रहा है। कानून और प्रावधान सभी के लिए एक होने चाहिए।

 

सिर्फ कांग्रेस ने ही समझा कर्मचारियों का दर्द

 

श्री धोटे ने अपने बयान में कहा कि कर्मचारियों द्वारा ओल्ड पेंशन लागू किये जाने की हर सम्भव कोशिश की गई लेकिन भाजपा ने इन कर्मचारियों के इस महत्वपूर्ण आग्रह को हमेशा नजरअंदाज किया। केवल कांग्रेस ने ही इस दर्द की समझा इसका उदाहरण भी है।देश में अन्य राज्यो में काबिज कांग्रेस की सरकार ने ओल्ड पेंशन लागू की है ,राजस्थान ,छत्तीसगढ़, हिमाचलप्रदेश,झारखंड,कर्नाटक , पंजाब,में ओल्ड पेंशन कांग्रेस ने लागू की है और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने तो कांग्रेस की सरकार बनते ही 2004से बंद पेंशन को 2023 में लागू किया है ,अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2004से2023तक जो कर्मचारी रिटायर्ड हो गए थे जिन्हे 1700 रुपए पेंशन मिल रही थी अब उन्हें 35000हजार रुपए पेंशन मिलने लगी है। हमारे सेवा निवर्त्त कर्मचारी निराश ना हों कांग्रेस ने यह वचन दिया है कि सरकार बनने के बाद ओल्ड पेंशन स्कीम पुनः लागू की जाएगी और यह वचन हम निभाकर रहेंगे। इसके लिए हमे कांग्रेस के हाथ मजबूत कर बैतूल विधान सभी से कांग्रेस प्रत्याशी निलय विनोद डागा को अपना आशीर्वाद देकर विजय बनाना है।


Media Center News

Get real time updates directly on you device, subscribe now.