भौंरा। शुक्ल पक्ष की आंवला नवमी पर मंगलवार के दिन नगर की महिलाओ ने जंगल में जाकर आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर विधि विधान से पूजन अर्चना कर भोजन का भोग लगाकर गृहण किया। पंडित आकाश पाठक ने बताया कि प्रति वर्ष कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की नवमी पर आंवला नवमी पूजन का विधान है। बताया जाता है कि धन की देवी महालक्ष्मी ने सबसे पहले आंवला के पेड़ की पूजा की थी। उन्होंने आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन बनाकर भगवान विष्णु एवं शंकर जी को कराया था। तभी से महिलाओ द्वारा अपने घर की सुख एवं समृद्धि के लिए आंवला नवमी पूजन किया जा रहा है। मंगलवार के दिन नगर की महिलाओ ने बड़ी संख्या में जंगल में जाकर आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर पूजा अर्चना कर भोजन का भोग भगवान को लगाकर गृहण किया। इस अवसर पर मोहनिया साहू, कुसुमलता साहू, गीता साहू, संगीता साहू, मीना साहू, राजकुमारी साहू, सोनम तिवारी, सोनम साहू सहित कई महिलाओ ने आंवला नवमी पूजन किया।