घोड़ाडोंगरी सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार क्षेत्र मे वन विभाग वाले न जाने ऐसी कौन सी योजना संचालित कर रहें है,जिसमें लाभान्वित लोगों ने आज तक वह काम नहीं किया जिसके बदले उन्हें उनके बैंक अकाउंट मे प्रतिमाह हजारों रूपये आते है मगर उन्नीस पांच सौ रख लिए जाते है. यह पेमेंट हितग्राही के खाते मे आता है उसे नहीं मालूम क्यों आता है उसे तो हर महीना पांच सौ मिल जाते है बिना कुछ किये. सैकड़ों खाता धारको के बैंक खाते मे लाखों रूपये प्रतिमाह जमा होता है बताया जा रहा है की प्रत्येक भुगतान पीछे हजारों रूपये खाताधारको को दिये जाते है किन्तु यह रूपये किस काम के बदले आते है यह बात आज तक किसी खाता धारक को नहीं मालूम. कियोस्क संचालक, ठेकेदार, फारेस्ट वालो की मिलीभगत से हर महीने लाखों का गोलमाल! सूत्रों के मुताबिक विभास, संदीप, राहुल व दो अन्य और शामिल है,इस मामले मे बैंक स्टाफ की मिलीभगत से इन्कार नहीं नहीं किया जा सकता कुछ खाता धारक की सूची मिली है उन्होनें बताया की भविष्य मे वे फ़स न जावें इसलिये इस मामले की जांच होना चाहिए. आगे भी इस मामले मे और जानकारी जारी रहेगी.