जिस दिन से वर्दी को पहना है, डर ने भी अपना रास्ता बदला हैं.
बैतूल एस पी सिमाला प्रसाद की कार्यप्रणाली से आमलोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा

उमाकांत शर्मा बैतूल एस पी सिमाला प्रसाद के तीन साल के कार्यकाल को समूचा बैतूल याद रखेगा. एसपी ने ऐसे सराहनीय काम किये, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता है. नवाचार के साथ अपराधियों पर कार्रवाही कर उन्हें जेल पहुंचाने का काम किया है. आईपीएस सिमाला प्रसाद ने वर्ष 2020 में बैतूल जिले की कमान संभाली. हाल ही में उनका तबादला हो गया है. 3 साल तक बैतूल एसपी के पद पर पदस्थ रही. सिमाला प्रसाद ने कई काम किये है. इनके तीन साल के वर्किंग में आमलोगों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है. विशेषकर माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाही की. इस कार्रवाही की आमलोगों ने भी सराहना की और काम को पसंद किया है.
सबसे बड़े जुआघर पर की कार्रवाही
शहर के बीचोबीच पारधी ढाने में वर्षो से बड़ा जुआघर संचालित हो रहा था. कई एसपी आये, लेकिन उन्होंने इस जुआघर पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटाई. एसपी सिमाला प्रसाद ने इस जुआघर पर बड़ी कार्रवाही की और सट्टा-जुआ माफिया को गिरफ्तार कर उसे जेल भेजने का काम किया. एसपी की इस कार्रवाही को बैतूल जिले के लोग मिल का पत्थर मान रहे है. जब से पारधी ढाने में कार्रवाही की, तब से जुआ और सट्टे का कारोबार बंद हो गया है. इस कार्रवाही के दौरान बड़े पैमाने पर हथियार भी बरामद किये थे.
ट्रिपल मर्डर केस का किया खुलासा
गंज थाना क्षेत्र में ट्रिपल मर्डर की घटना सामने आई थी. आरोपियों ने बड़े शातिराना तरीके से तीन लोगों की हत्या कर दी थी. इस गुत्थी को भी सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी. इस चुनौती को भी स्वीकारते हुए एसपी सिमाला प्रसाद ने केस को अपने हाथ में लिया और परत दर परत पड़ताल करना शुरू की. आखिरकार एसपी ने इस ट्रिपल मर्डर केस को भी सुलझा लिया और अपराधियों को जेल भेजने का काम किया है. कोरोना काल मे एस पी ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका ” दिन हो या रात, धूप हो या बरसात,आपकी सेवा के लिए, पुलिस आपके साथ” वैश्विक महामारी के दौर मे पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व मे जरूरत मंदो को अनाज के पैकेट बाटने से लेकर टीकाकरण अधिक से अधिक हो इस पर पूरा जोर लगा देना सिमाला की सकारात्मक सोच का परिचायक है उनके इस योगदान को बैतूल कभी नहीं भूल पायेगा.
अवैध शराब बिक्री रोकने बनाई ब्लू गैंग
एसपी सिमाला प्रसाद ने गांव-गांव बिक रही अवैध कच्ची शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए ब्लू गैंग का गठन किया. एसपी के मार्गदर्शन में इस ब्लू गैंग ने गांव-गांव जाकर शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाही कर शराब बिक्री पर रोक लगाने का काम किया है. ब्लू गैंग की इस कार्रवाही से शराब माफिया भी खौफ खाने लगे. ब्लू गैंग द्वारा कार्रवाही की, इस दौरान कई लोगों को अवैध शराब के मामले में पकड़ा और जेल भेजने का काम किया. ब्लू गैंग के सदस्यों ने लोगों को अवैध शराब का धंधा छोडऩे और मुख्य धारा में आने के लिए प्रेरित किया.
रानीपुर में पुलिस म्युजियम बनाया
एसपी सिमाला प्रसाद ने बैतूल जिले के रानीपुर थाना परिसर में पुलिस म्युजियम बनाया है. मध्यप्रदेश का बैतूल पहला जिला है, जहां थाना परिसर में म्युजियम बना है. पुलिस म्युजियम में 108 वर्षो के दौरान हुई प्रमुख घटनाओं और पुलिस के कामकाज को सहेजा है. यहां आने वाले लोगों को पुलिस की कहानी सुनने और समझने का मौका मिल रहा है. पुलिस ने इसके लिए इतिहासकारों और विशेषज्ञों की मदद लेकर थाने से जुड़ी वस्तुओं और उसका संग्रह किया है. म्युजियम बनाने का पूरा श्रेय एसपी सिमाला प्रसाद को जाता है. म्युजियम बनाने पर इसकी सराहना राजधानी भोपाल तक हो चुकी है.
शिविर लगाकर किया जनता की शिकायतों का समाधान
एसपी सिमाला प्रसाद ने अपने कार्यकाल में एक नवाचार शुरू किया. जिसमें अलग-अलग थाना-चौकी क्षेत्र में जनता शिकायत जनसुनवाई शिविर लगाये गये. इस शिविरों में स्वयं एसपी ने पहुंचकर लोगों की समस्या सुनी और समस्याओं का समाधान किया. लोग अपनी समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर ब्लाक मुख्यालय तक भटकते थे. जब से थाना और चौकी क्षेत्र में पुलिस की जन शिकायत जनसुनवाई की शुरूआत हुई, तब से लोगों की शिकायतें भी कम हुई और शिकायतों पर एक्शन लेते हुए समस्याओं का जल्द समाधान किया.
महिला अपराधों को रोकने बनाई संघवारी
एसपी ने सिमाला प्रसाद ने अपराधों को रोकने के लिए नवाचार किया. खासतौर से महिला अपराधों को रोकने के लिए पुलिस थानों में संघवारी तैयार की गई. साथ ही अपराधों की सूचना और कार्रवाही में सहयोग के लिए ब्लू गैंग भी बनाई है. एसपी के नवाचार सार्थक साबित हुए. नतीजा यह निकला कि महिला अपराधों में भी कमी आई.
आत्महत्या की घटनाओं को रोकने आसपास की शुरूआत
जिले में आत्महत्या मामलों पर अंकुश लगाने के लिए एसपी सिमाला प्रसाद ने आसपास अभियान की शुरूआत की. इस अभियान के तहत लोगों को आत्महत्या जैसी घटनाएं न करने के लिए प्रेरित किया. आसपास अभियान के तहत एक दूरभाष नंबर जारी किया. इस नंबर के माध्यम से आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर तत्काल सूचना देने और त्वरित कार्रवाही के लिए टीम का गठन किया. लोगों को समझाईश देते हुए उनका हौंसला बढ़ाया कि वे आत्महत्या जैसा कदम न उठाये, यह जीवन सभी के लिए कीमती है. इस नवाचार के बाद आत्महत्या जैसी घटनाओं में भी कमी आई है.ऐसे बिरले हीं अधिकारी होते है जिनकी छवि आम जनता के बीच बिल्कुल स्वच्छ स्पष्ट हो उनमे से एक बैतूल एस पी सिमाला प्रसाद है जिन्होंने जन सामान्य मे अपनी अमिट छाप बनाई है.संकलन लेखन उमाकांत शर्मा बैतूल अधिमान्य पत्रकार मध्य प्रदेश शासन.