26 मई चोपना क्षेत्र मे अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण बहुत परेशान हो रहें है उस पर भीषण गर्मी की मार अलग कहर बरपा रहीं है इस क्षेत्र मे काम औरकिसी भी समस्या को लेकर न नेतानगरी दिलचस्पी लेते है न तों अधिकारी कर्मचारी. सिर्फ रेत पर राजनीती करने के लिये नेता नहीं चुनती चोपना क्षेत्र की जनता, विधानसभा और लोकसभा चुनाव के पूर्व भाजपा चौबीस घंटे बिजली देने का वादा इधर किसानों से कर गई. किन्तु अब कोई सुध लेने वाला नहीं. बिजली विभाग अब सिर्फ बिल वसूल करने और किसानों पर केस बनाने मे मस्त है. वास्तव मे बिजली विभाग द्वारा सही समय पर वास्तविक मेटनेन्स कार्य करवा लिया जावे तों समस्या ही नहीं होंगी किन्तु जब भूख लगेगी तब फसल उगाएंगे की तर्ज पर बिजली विभाग काम कर रहा है. वोल्टेज तों ऐसा मिल रहा है की मोबाइल भी चार्ज नहीं हो. कूलर पंखे पानी बोर मोटर की बात बहुत दूर की है.
*ट्रांसफार्मरो पर खुले लटकते हैं करंट वाले नंगे तार*
बिजली विभाग के कार्यों व मेन्टनेन्स की अत्यंत खराब गुणवत्ता का सबूत आपको प्रत्येक ट्रांसफार्मर एंव उसके आसपास खुले लटकते करंट वाले तारो को देखने से मालूम पड़ जायेगा आगे बिजली को लेकर और भी खबर… बबलू मंडल एंव नित्यानंद राय की रिपोर्ट चोपना.