एक दिन पहले कोर्ट मे फांसी पर लटकने की बात कहकर दूसरे दिन ही फांसी पर झूला किसान
मामला घोड़ाडोंगरी तहसील मे चोपना क्षेत्र के चिकलपाटी गांव का है.
बैतूल 30 दिसम्बर साहब मुझे झूठा फसाया गया है. मेरे पास पैसे नहीं है. मै फांसी लगा लूंगा. कृषक ने फांसी लगाकर दी जान मामला ग्राम चिकलपाटी तहसील घोड़ाडोंगरी का है. जहा 12 दिसम्बर को नीमाई मंडल नामक एक वृद्ध नें फांसी लगाकर आत्महत्या कर लीं. आत्महत्या से एक दिन पूर्व 11 दिसम्बर को मृतक की बैतूल कोर्ट में चेक बाउंस मामले मे पेशी थी. प्रत्यक्ष दर्शी सूत्रों के मुताबिक मृतक निमाई नें पैरवी के दौरान कोर्ट रूम मे बोला की इस केश के आवेदक वर्मा नें उसे झूठा उलझाया है. जबकि मृतक उसके पूरे पैसे दे चुका है. बावजूद इसके फरियादी पक्ष नें चेक बाउंस का मामलें मे उस पर कोर्ट केश कर दिया है. उस दिन पेशी के दौरान मृतक की नातिन भी उसके साथ कोर्ट रूम के सामने ही ख़डी थीं. उसके मुताबिक दादा बहुत ही उदास और निराश लग रहे थे. क्योंकि 2 दिन बाद 13 तारीख को पेशी थी. और घर जाकर अगले दिन यानी 12 दिसम्बर को सुबह हम लोगों ने देखा कि उन्होंने पेड़ से लटककर अपने आप को फांसी लगा लिया है.उनकी मौत हों चुकी है. तभी पुलिस को सूचित किया. मृतक के पुत्र विष्णु नें चोपना थाने में लिखित शिकायत दी है कि बैतूल के किसी अनूप नाम के व्यक्ति ने ट्रैक्टर देते समय कोरा चेक लिया था. पूरा पैसा लेने के बाद भी परेशान कर रहा था इसमें धर्मपुर का मोहन सरदार नाम का व्यक्ति भी शामिल है,जो ट्रेक्टर का सौदा कराकर पिता से शोरूम वाले को चेक दिलाया था. मृतक के पुत्रों नें पुलिस से मांग की है कि
मेरे पिता के मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्यावाही की जावे. चोपना पुलिस का कहना है की इस मामले जाँच की जा रहीं है. जाँच पूरी होने के पश्चात ही कुछ कहा जा सकता है