5 फ़रवरी
चोपना 2 के हायर सेकंडरी विद्यालय में कक्षा बारहवी के विद्यार्थियों का बड़ा ही उत्साह के साथ -साथ भावुक विदाई समारोह मनाया गया. उत्साह इस बात का की छात्र छात्राएं अच्छे शिक्षक अच्छे मित्र पाकर बेहद हर्षित है और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले है. भावुकताइस बात की अब उनका यह प्यारा प्यारा स्कूल और अपने साथियों से बिछड़ने का अनायास दुख भी. समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा वंदन एवम् दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.शिक्षको द्वारा विद्यार्थियों को तिलक लगाकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आशीष प्रदान किया
विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच एक ऐसा अटूट बंधन है जो कि विदाई समारोह में दिखने को मिला मानो जैसे कि कोई किसीसे बिछड़ना ही नहीं चाहता. वहीं 12वीं क्लास के बच्चों नें अपनी ओर से विद्यालय को स्मृति चिन्ह भेट दिया. विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों को प्रति आभार व्यक्त किया. स्कूल के प्राचार्य वंदना मंडल नें कहा की आप सभी बच्चे हमारी जिम्मेदारी थी: कभी-कभी हमने तुम्हें प्यार किया और देखभाल की और कभी-कभी तुम्हें कठिन कार्यों को पूरा करने के लिए दिया। मेरे प्यारे छात्रों, आप सभी को मेरी यह सलाह है कि, इस स्कूल की दहलीज पर खड़े होकर पीछे की ओर मुड़कर मत देखना। आगे की ओर देखते हुए और आगे बढ़ते हुए संसार को देखना, हमारी शुभकामनाएं सदैव आपके साथ हैं। शिक्षक मनोज परिहार सर नें कहा की मेरे बच्चों संसार को आप जैसे अधिक बुद्धिमान युवाओं की आवश्यकता है। सफलता आपके रास्ते में होगी। बस अपने दिमाग में यही रखना कि, आप अपने सभी कार्यों में सही हो और यह भी मत भूलना कि, सच की हमेशा जीत होती है। दूसरों को खुश करने की अपनी शक्ति का प्रयोग सभी को खुश करने में करना न कि दुखी करने में। किसी भी बुरी स्थिति में कभी भी आत्मसमर्पण मत करना और खुद में विश्वास रखना। जाओ और अपना नाम, धन, प्रसिद्धि कमाओ और हमारे पास अपनी सफलता की कहानी सुनाने के लिए वापस आओ। मैं स्वामी विवेकानन्द जी के द्वारा कहे गए कुछ शब्दों को कहना चाहता हूँ:
“एक विचार लो और उस विचार को अपने जीवन का सार बना लो- उसी को सोचो और उसी के स्वप्न देखो। उस विचार से अपने मस्तिष्क, पेशियों, कोशिकाओं, शरीर के हरेक भाग को उससे भरने दो और दूसरे अन्य विचारों को अकेला छोड़ दो। यही सफलता का रास्ता है।” NBN न्यूज़ समूह सभी विधार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है.

