सहकारी समितियों की महापंचायत भोपाल मे होंगी.

Media Center News

·उमाकांत शर्मा   बैतूल 12 सितंबर बैतूल जिले की समस्त सहकारी समितियां और राशन दुकान के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 27 दिनों से लगातार हड़ताल पर बैठे हैं 16 अगस्त से कलमबंद आंदोलन कर जिला मुख्यालय पर धरना जारी हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन स्तर पर सहकारी कर्मचारी एवं राशन दुकान संचालकों की महापंचायत 15 सितंबर को भोपाल में आयोजित की गई है संभावना है कि शासन द्वारा इस बार कुछ मांगे स्वीकार कर ली जाएगी पिछले कई सालों से अपने नियमित करण एवं वेतन वृद्धि को लेकर सहकारी समिति एवं सेल्समैनों ने कई बार शासन से निवेदन किया है किंतु उनकी एक भी मांग को शासन ने स्वीकार नहीं किया. समिति एवं राशन दुकान संचालकों का कहना है कि जिन्होंने कुछ नहीं मांगा उनको सरकार बांट रही है जबकि हम कई वर्षों से सेवाएं देते आ रहे हैं हमारी मांग होने के बावजूद भी हमारी एक नहीं सुनी गई बल्कि इसी दौरान कई बार कार्रवाई भी हुई. खतरनाक कोरोना महामारी के समय रिस्क लेते हुए सहकारी कर्मचारीयों एवं सेल्समैनों द्वारा ग्रामीणों की लगातार सेवाएं की है . जिन्होंने बाटा है राशन वे कैसे हो सकते हैं शासन के दुश्मन सहकारी कर्मचारीयों ने बताया कि कोरोनावायरस महामारी के समय भी उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना ग्रामीणों को खाद बीज व राशन का वितरण है किया है. वे सदैव शासन की योजनाओं का लाभ पब्लिक तक पहुंचाते हैं. जबकि उनकी मांगों पर सरकार के नुमाइंदे ध्यान नहीं देते हैं. जिला अध्यक्ष सहकारी समिति बैतूल अशोक देशमुख ने बताया कि बैतूल जिले की सभी सहकारी समिति एवं सेल्समैन लगभग 865 की पूरी संख्या भोपाल मे 15 सितंबर को होने वाली सहकारी समिति की महापंचायत में पहुंचेगी.अध्यक्ष ने बताया की हम शासन से निवेदन करेंगे कि वह हमारी मांगों पर ध्यान दें और उन्हें लिखित स्वीकृती दें . ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियां और ग्राम पंचायत शासन की योजनाओं को लागू करने मे अहम भूमिका निभाने का कार्य करती है. ग्रामीण क्षेत्र में यह दो ही संस्थाएं ऐसी है जिससे ग्रामीण सीधे जुड़े रहते हैं. चुनावी वर्ष के दौरान ऐसी स्थिति में विपक्ष के नेता लोग भी धरना मंच पर आने से नहीं चूके. यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार ने यदि इनकी मांगे नहीं मानी तो बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है. हालांकि सारे सहकारी कर्मचारी निवेदन की मुद्रा में है. उन्हें आशा है कि सरकार जब सभी कर्मचारी वर्गों पर ध्यान दे रही है तो उनकी भी अधिकतर मांगे मान ली जाएगी.


Media Center News

Get real time updates directly on you device, subscribe now.