चोपना( बैतूल ) 8 मई यदि शेर के पैर में कांटा लग जाए तो इसका मतलब यह नहीं की अब कुत्ते राज करेंगे. यह क्षेत्र रेत और खनिज सम्पदा से परिपूर्ण है. रेत का गढ़ माना जाता है. सबसे अच्छी किस्म की रेत तवा नदी और चोपना के आसपास क्षेत्र मे पाई जाती है. और उस पर प्रथम हक हमारे क्षेत्र वासियों का है. हमारे क्षेत्र वासीयों को डरा धमका कर या बहला फुसला कर बहुत अवैध काम कर लिया. किंतु अब कोई एक मुट्ठी अवैध रेत भी यहां से नहीं लें जा पायेगा. इसके लिए हम सब एकजुट है.- यह कहना है पूर्व जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता तपन विश्वास का. उन्होंने बताया की इस क्षेत्र मे कोई भी कहीं से भी अवैध नियम विरुद्ध रेत उठा कर बेच दें रहा है. कम्पनी के लोग भी अवैध रेत खरीदने का जैसे लाइसेंस लें कर घूम रहें हो यह सब आज के आज ही बंद होना चाहिए नहीं तो इसका अंजाम गलत होगा इसे बात को जिसे चेतावनी समझना है वह बेशक समझे किन्तु अब अवैध रेत नहीं निकलेगा. अवैध जगह से रेत लाकर वैध डंप मे एक ट्राली भी माल मिला तो उसका भुगतान कम्पनी और उसके कर्ता धर्ता को भुगतना होगा. खनिज विभाग यदि मनमानी नहीं रोकेगा तो हमारी जनता और हम सड़क पर उतरकर रेत अवैध उत्तखन्न रुकवाएगी.