मंडल अध्यक्ष पर तकरार शाहपुर, चोपना, भीमपुर

शाहपुर मंडल अध्यक्ष पर एक नहीं, तीन एफआईआर, चोपना मे पक्षपात का आरोप.भीमपुर मंडल अध्यक्ष की उम्र पर उठे सवाल

Media Center News

15 दिसम्बर

बैतूल। भाजपा में मंडल अध्यक्ष की नियुक्तियां हो चुकी हैं। केवल कुछ मंडलों पर फैसला नहीं हो पाया है। अधिकांश मंडलों में तो अध्यक्षों को लेकर खुशी जाहिर की जा रही है, लेकिन कुछ मंडलों पर विवादों के कारण कार्यकर्ता सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। शाहपुर में पहली बार महिला अध्यक्ष बनाई गई, लेकिन उनके एफआईआर के मामले ने तूल पकड़ लिया। दो दिन पहले सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ मोर्चा खोलते ही भाजपा के ही कार्यकर्ताओं ने संगठन के उस निर्णय पर सवाल उठाएं थे, जिसमें अपराधिक प्रकरण वाले कार्यकर्ताओंं को जिम्मेदारी देने पर संगठन को कटघरे में खड़ा किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एक नहीं, तीन अन्य प्रकरण होने की बात सामने लाई तो मामला और विवादों में घिर गया। इधर भीमपुर मंडल अध्यक्ष के पद पर अनिल उइके को दोबारा मंडल अध्यक्ष बनाए जाने पर विरोध के स्वर मुखर हो गए। उनकी अधिक उम्र पर सवाल उठाएं जाने लगे। इससे यह नियुक्ति भी विवादों में घिर गई है। जबकि भाजपा ने मंडल अध्यक्ष के लिए 45 वर्ष का क्राइट एरिया तय कर रखा था।
जानकार सूत्र बताते हैं कि भाजपा में मंडल अध्यक्षों को लेकर एक अनार सौ बीमार जैसे हालात थे। कुल तीस मंडलों में 250 से अधिक दावेदारों के नाम सामने आने पर संगठनों के सामने किसी एक को अध्यक्ष चुना जाना किसी चुनौती से कम नहीं था। चर्चा है कि जिसे मंडल अध्यक्ष चुना था, वह श्रेष्ठ कहलाता, जो अध्यक्ष नहीं बन पा रहा था वह भी बेस्ट से कम नहीं था। चूंकि एक को ही अध्यक्ष बनाया जाना था। इस नियुक्ति में क्षेत्र के विधायकों की पसंद को प्राथमिकता दी गई। इसी के बाद कुछ मंडलों में बवाल जैसी स्थिति निर्मित होने लगी है। हालांकि इन जगहों पर विवाद को शांत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन क्राइट एरिया के बाहर मंडल अध्यक्ष बनाए जाने पर चुनाव अधिकारी भी संदेह के दायरे में आ खड़े हुए हैं।
शाहपुर मंडल अध्यक्ष पर तीन अपराधिक प्रकरण
दो दिन पहले शाहपुर की पहली मंडल अध्यक्ष नीतू गुप्ता पर अपराधिक प्रकरण दर्ज होने से बवाल मच गया है। उन पर देवरानी की रिपोर्ट पर शाहपुर थाने में मामला दर्ज है। यह मामला अभी सुर्खियों में ही था कि एक आरटीआई के तहत शाहपुर थाने से निकाली गई एक जानकारी सामने आई है। इसमें उन पर तीन मामले दर्ज होने की बात उजागर हुई है। वर्ष 2017 में नीतू गुप्ता और उनके परिवार पर धारा 294,323, 506 का मामला दर्ज होकर न्यायालय में चल रहा है। वर्ष 2022 एससी-एसटी मजदूरों पर लिक्विड कैमिकल डालकर 294,323, 506, 34, एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण न्यायालय में लंबित है। वर्ष 2024 में 294,323, 458, 506, 34 के तहत मंडल अध्यक्ष और उनके परिवार पर मामला दर्ज है। एक मामला घरेलू हिंसा का छत्तीसगढ़ की भटापारा की अदालत में चलने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। इस संबंध में मंडल अध्यक्ष नीतू गुप्ता से चर्चा के लिए उनके मोबाइल 6263940370 पर काल किया, लेकिन उनकी पुत्री ने बैठक का हवाला देकर चर्चा नहीं कराई। वहीं घोड़ाडोंगरी के चोपना मंडल मे भी अंदरूनी नाराजगी है. मंडल के कार्यकर्त्ता नें अपना नाम नहीं छापने की शर्त बताया कि पूरी हवा को ही जानबूझकर मोड़ दिया गया. पुराने मंडल अध्यक्ष के समय भाजपा नें कई परचम क्षेत्र मे लहराये है. फिर भी तबब्जो नहीं देकर पूरा पक्षपात किया गया है.
अधिक उम्र में घिरे दामजीपुरा मंडल अध्यक्ष
भैंसदेही विधानसभा के दामजीपुरा मंडल में भी वर्तमान मंडल अध्यक्ष अनिल उइके की अधिक उम्र का मामला विवादों में आ गया है। दरअसल पिछले मर्तबा भी वे उम्र के क्राइट एरिया के कारण चर्चा में थे, लेकिन दामजीपुरा में आदिवासी वर्ग की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें मौका दे दिया गया। इस बार उम्मीद थी कि यहां पर आदिवासी वर्ग या किसी नए चेहरे को मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्हें दोबारा अवसर दिए जाने पर विवाद शुरू हो गया है। क्षेत्र के सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता नितिन गौतम ने सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन कटाक्ष करते हुए सोशल मीडिया पर मंडल अध्यक्ष उइके की उम्र 48 वर्ष होने पर मौका देने की बात लिखकर कहीं न कहीं संगठन के क्राइट एरिया पर अपनी नाराजगी जताई है।


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