5 नवंबर
बैतूल। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष ब्रज भूषण पांडेय ने विज्ञप्ति जारी करते हुए भाजपा को कर्मचारी विरोधी पार्टी करार दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि, प्रदेश भर में विभिन्न विभागों में कार्य कर रहे संविदा कर्मचारियों को कभी अप्रैजल के नाम पर तो कभी बजट का हवाला देकर सेवा से हटा दिया है। सेवा से हटाएं जाने के बाद से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। कर्मचारियों की बहाली को लेकर कर्मचारी संगठनों के द्वारा सरकार से बार-बार गुहार लगाई गई, जिसके बाद भी कर्मचारियों को सेवा में वापस नहीं लिया जा रहा है।ये भाजपा की करनी है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी द्वारा संविदा कर्मचारियों की मांगों को लेकर अपने वचन पत्र में इन कर्मचारियों को बहाल कर नियमित करने का ऐलान किया है। जिनके साथ कांग्रेस न्याय करेगी। उल्लेखनीय है कि एनएचएम द्वारा वर्ष 2016 में अप्रेजल सहित विभिन्न कारणों से करीब डेढ़ हजार से अधिक कर्मचारियों को निष्कासित कर दिया, वहीं करीब ढ़ाई हजार कर्मचारियों को संविदा से हटाकर आऊट सोर्स में डाल दिया है। योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के निष्काशीत प्रगणक एवं डीपीए जिसकी संख्या भी करीब ड़ेढ हजार है। इनको 2015 से बजट का हवाला देकर संख्या निष्काशीत किया गया। कौशल विकास केंद्र के निष्कासित मेनेजर,अकाउंटेंट एवं प्रशिक्षक को 2017 से बजट का हवाला देकर निष्कासित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के डेढ़ हजार कर्मचारियों बजट का हवाला देकर निष्कासित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कि बीआरजीएफ पिछड़ा क्षेत्र अनुदान कोष योजना के संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर को वर्ष 2015 से योजना बंद होने का हवाला देकर निष्कासित किया गया। कम्प्युटर ऑपरेटरों को 2018 में बजट का हवाला देकर निष्कासित किया गया।
आयु सीमा पार कर चूके है कर्मचारी और
निष्कासित कर्मचारियों का कहना है कि विभागों में 3 से लेकर 8 वर्ष तक सेवाए दी, लेकिन विभागीय अधिकारीयों ने बजट का हवाला देकर सभी कि सेवाए समाप्त कर दी।क्या यह कृत्य अन्याय की श्रेणी में नहीं आता। कर्मचारियों की सेवाए समाप्त होने कि वजह से उनके घरों पर भरण पोषण का संकट मंडरा रहा है। वह अन्य किसी नौकरी हेतु आयु सीमा भी पार कर चुके हैं। लेकिन कर्मचारी चिंता ना करें कांग्रेस की सरकार बनते ही इन निष्काषित कर्मचारियों को न्याय देने के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध रहेगी।