बैतूल जिले की खुशहाली के लिए बड़ी ही धूमधाम और श्रद्धा से निकली माँ ताप्ती की भव्य चुनरी यात्रा
यात्रा मे हजारों की संख्या मे श्रद्धालु हुए शामिल.
बैतूल: किसानों की खुशहाली के लिए 25 किमी चुनरी पदयात्रा, कार्तिक पूर्णिमा पर 121 मीटर लंबी चुनरी लेकर पूर्व विधायक के साथ हजारों लोग निकले, ताप्ती नदी में चढ़ाई जाती है चुनरी है ,चुनरी यात्रा का यह आठवां साल है ।
मध्य प्रदेश के बैतूल में कार्तिक पूर्णिमा के पर्व पर पवित्र नदी ताप्ती में चुनरी चढ़ाने के लिए बैतूल के कांग्रेस पूर्व विधायक निलय डागा ने ताप्ती चुनरी पदयात्रा निकाली। 121 मीटर लंबी चुनरी हाथों में लेकर श्रद्धालु निकले और 25 किलोमीटर की पदयात्रा कर मां ताप्ती नदी में चुनरी चढ़ाई जाएगी ।गुजरात की लाइफ लाइन कही जाने वाली ताप्ती नदी का उद्गम स्थल मध्य प्रदेश के बैतूल में है । कार्तिक पूर्णिमा पर सूर्य पुत्री मां ताप्ती नदी में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है कार्तिक पूर्णिमा पर्व को लेकर बैतूल के कांग्रेस के पूर्व विधायक निलय डागा हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर मां ताप्ती को चुनरी चढ़ाने के लिए पद यात्रा निकालते है ।
2017 से शुरू हुई चुनरी पदयात्रा का यह आठवां साल है । इस साल 121 मीटर की लंबी चुनरी मां ताप्ती को चढ़ाई जाएगी । चुनरी पद यात्रा को लेकर पूर्व विधायक निलय डागा का कहना है कि क्षेत्र की खुशहाली, किसानों की खुशहाली को लेकर प्रतिवर्ष चुनरी यात्रा निकाली जाती है । हाथ हाथों में चुनरी लेकर पैदल 25 किलोमीटर दूर खेड़ी स्थित ताप्ती घाट पर पूजा अर्चना के बाद मां ताप्ती को चुनरी चढ़ाई जाएगी। मां ताप्ती के प्रति बैतूल जिले के लोगों में काफी आस्था है ।
बैतूल शहर के प्राचीन शिव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद शुरू हुई ताप्ती चुनरी पद यात्रा का जगह जगह स्वागत किया गया पुष्प वर्षा की गई चुनरी पद यात्रा में भजन मंडल भी शामिल हुए । पदयात्रा में श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया भजन कीर्तन के साथ ही आदिवासी समाज का पारंपरिक नृत्य भी करते हुए आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए ।
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