धरमपुर के ग्रामीणों ने चंदा कर फूटे सरकारी तालाब कों बांधा
चोपना /बैतूल 7 अगस्त जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के चोपना क्षेत्र के धरमपुर गांव मे किसानों मैं चंदा एकत्र कर डेम का बंधान किया. खेत की सिंचाई के लिए मनरेगा से 2004 मे सरकारी तालाब चार लाख रूपये से ज्यादा खर्च कर बनाया गया था। वह टूट गया है ग्रामीणों ने बताया की -यह तालाब इससे पहले भी दो बार टूट चुका है, ग्राम पंचायत की लापरवाही एवं उदासीनता के चलते यह तालाब टूटने से किसानों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा इसकी मरम्मत के लिए 2022 में लगभग 2 लाख 75 हजार रूपये पंचायत ने खर्च किये. किन्तु धरातल पर 30 हजार का काम भी नही हुआ,और 2023 मे जुलाई माह मे फिर से यह तालाब उसी जगह टूट गया है जिस जगह मे पंचायत द्वारा 2 लाख 75 हजार रूपये खर्च करना बताया गया. किसानों को अपने खेतों में जाने के लिए अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । इसकी जानकारी कई बार पंचायत में दी गई पर इस कोई कदम नहीं उठाया गया ग्रामीणों का मानना है की इसमें भ्रस्टाचार किया गया है जिसमे इंजिनियर सहित ग्राम पंचायत के कर्ता धर्ता शामिल है. ग्रामीणों कई मांग है की कलेक्टर महोदय कों इस पंचायत के सभी कार्यों की जांच करवाना चाहिए ताकि यहां के और भी भ्रष्टाचार उजागर हो सके . तालाब कों बांधने ग्राम पंचायत धरमपुर से कई बार मदद मांगने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर ग्राम धरमपुर के किसानों द्वारा चंदा एकत्र कर तालाब पर मिट्टी मुरम पत्थर डालकर बंधान किया गया.
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