बैतूल। सीएमएचओ कार्यालय बैतूल में पदस्थ रहे तात्कालीन लेखापाल संजय दुबे को एक कर्मचारी के आत्महत्या मामले में न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है. अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने बताया कि वर्ष 2021 में कोविड-19 में स्वास्थ्य विभाग में भर्ती घोटाला सामने आया था. इस मामले में सहायक ग्रेड-3 सुंदरलाल को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था. पुलिस की पूछताछ के बाद सुंदरलाल ने आत्महत्या कर ली थी. आरोप था कि कर्मचारी ने लेखापाल संजय दुबे की प्रताडऩा के चलते आत्महत्या की है.यह मामला बैतूल सत्र न्यायालय में चल रहा था जिसमें संजय की ओर से माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका लगाई गई यह प्रकरण उच्च न्यायालय ने संजय दुबे को दोषमुक्त कर दिया और न्यायालय द्वारा संजय दुबे के विरूद्ध कोतवाली बैतूल में दर्ज किये गये प्रकरण डिस्चार्ज कर खारिज कर दिया है. बताया जा रहा है कि कर्मचारी सुंदरलाल को कोविड़-19 घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया था. अगले दिन 30 जून को कर्मचारी द्वारा जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी. उक्त प्रकरण में मृतक के मृत्युकालीन कथन लिये थे और सुसाइड नोट भी बरामद किया था.