2 अगस्त
बैतूल। जिले की घोड़ाडोंगरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत हीरापुर में उपसरपंच को पद से हटाने को लेकर पंचों ने एकजुटता दिखाई है। कुल 19 पंचों में से 15 पंचों ने उपसरपंच को हटाने की मांग की है और इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव भी दें दिया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि उपसरपंच का पद पंचायत के कार्यों में कोई बड़ी दखलअंदाजी वाला नहीं होता और इस पद पर कोई वित्तीय अधिकार भी नहीं होते। जबकि ग्रामीणों और पंचो का कहना है की उपसरपंच की दखलअंदाजी के बिना कोई भी कार्य आज तक इस पंचायत मे नहीं हुए है उपसरपंच पति पंचायत से लेकर जनपद तक बिल बाउचर समेत पूरे कार्य कर रहे है इसमें सरपंच पति की भी मौन सहमति रहती है . कलेक्टर महोदय भी इस पंचायत के क्रियाकलापो से वाकिफ है. इसके पंचगण अपनी मांग पर अडिग रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उपसरपंच को पद से हटाने के अपने फैसले पर कायम हैं। इस विषय पर शाहपुर sdm ने
पंचों द्वारा दिए गए आवेदित प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों ने जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया है। क्या प्रक्रिया होती है इसके लिए ग्राम पंचायत के पंच, उपसरपंच के खिलाफ *नो कॉंफिडेंस मोसन* ला सकते हैं। इसके लिए निर्धारित संख्या में पंचों को हस्ताक्षर कर लिखित आवेदन सक्षम प्राधिकारी (जैसे अनुविभागीय अधिकारी – एसडीएम) को देना होता है।विशेष बैठक: आवेदन मिलने पर पीठासीन अधिकारी द्वारा पंचायत कार्यालय में एक विशेष बैठक बुलाई जाती है।बहुमत से हटाना: बैठक में उपस्थित और मतदान करने वाले पंचों का आवश्यक बहुमत (नियमनुसार तीन-चौथाई या निर्धारित मत) मिलने पर उपसरपंच को पद से हटाया गया माना लिया जाता है। यदि हीरापुर उपसरपंच हटते है अगर ऐसा होता है तो इस समय इस तरह का यह जिले पहला मामला होगा.