गंदा है पर धंधा है. क्या करें शराब बेचे बिना काम नहीं चलेगा!
ना तो कोई रोक-टोक न कोई भय जितना बेचना है बेचों.
चोपना 25 अक्टूबर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार चोपना क्षेत्र के आसपास के गांव सड़क किनारे ढाबा नुमा होटल मे शराब बिक्री चरम पर है थाने से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर 3 नंबर और दुर्गापुर गांव के बीच एक ढाबा मे खुलेआम शराब परोसी जाती है. सूत्रों नें बताया की ढाबा की गतिविधियों से पुलिस भली भाति परिचित है कार्यवाही भी की जाती रहीं है. मगर कार्यवाही के नाम पर सिर्फ फार्मलिटी की जाती है. यानि साप भी न मरे लाठी भी न टूटे. अक्सर शाम होते ही यहां सुराप्रेमियों की भीड़ जुट जाती है एकांत होने के कारण फुल गार्राहट मे लोग गाली गलौच के साथ इंजॉय करते है. बैठ कर बार स्टाइल मे पिलाई जाती है जिसके फुटेज भी है. वें बेहद अश्लील है जिसे सार्वजनिक किया जाना अनुचित होगा. देखना होगा की पुलिस कितनी मुश्तैदी से शराब बेचने वाले पर कारवाही करेगी. हिरणघाटी मे भी एक शराब का बड़ा विक्रय केंद्र है. ये लोग इतने ढीट और बेशर्म हों चुके है की पुलिस कार्यवाही करती है (छोटी मोटी) पुलिस की पीठ घूमते ही पुनः अवैध रूप से शराब बेचना शुरू कर देते है. शराब बेचने और बैठा कर पिलाने मे ओम,सरकार,सूर्या, जतिन, अजित, असीम कोई कम नहीं पड़ते एक दूसरे से… l